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    Wednesday, 29 March 2017

    TET , H-TAT MOST I.M.P MATERIAL

    TET , H-TAT MOST I.M.P MATERIAL

    कक्षा -६ प्रथम  सत्र  
    TET -2  अने  H -TAT  जैसी   उपयोगी हिंदी पाठ्य पुष्तक आधारित परीक्षामें पूछे जानेवाले शब्दार्थ , विरोधआर्थि ,मुहावरे ,कहावते ,और व्याकरण वस्यक कक्षा -६ के पाठ्य पुस्तक आधारित प्रश्न सूचि 
    • प्रकरण -१    दयालु शिकारी - साहित्य स्वरूप -कहानी  
    • विरोधीशब्द
    • दयालु * निर्दय 
    • बहुत * थोड़ा 
    • स्वस्थ *अस्वस्थ 
    • जन्म *मरण 
    • बुराई *भलाई    
    - SAGNA किसे कहते है ?
    किसी व्यक्ति ,वस्तु, स्थान ,या भाव को प्रगट करने वाले शब्दो को SAGNA कहेते है।
    • SAGNA के प्रकार   
    • व्यक्ति वाचक -राम ,सीता ,शिला ,रमेश 
    • जाती वाचक -पुरष, स्त्री
    • समहू वाचक -लश्कर ,
    • भाव वाचक -दया ,प्रेम ,करुणा 
    • द्रव्य वाचक -दूध ,लोहा 
     प्रकरण -२ एक जगत एक लोक -साहित्य स्वरूप -काव्य 
    शब्दार्थ 
    • जग -जगत ,दुनिया
    • लोक -संसार 
    • मान -आदर , सन्मान 
    • भूमि -जमीन ,धरती 
    • तेज -प्रकाश
    • देह -तन ,काया ,शरीर
    • निश दिन -हररोज ,प्रतिदिन 
    • रक्त -लहू ,खून 
    • अस्थि -हडडी 
    • हर्ष -आंनद 
    • प्राण -जान ,जीव 
    • तराना -गीत ,गान   
    • प्रगति -उन्ती,विकास 
    • ऐक्य -एकता 
    • राग -स्वर ,ताल ,लय  युक्त संगीत 
    •  गान -गीत 
    • निशान -चिह्न 
    • विरोधीशब्द 
    •  शुभ * अशुभ 
    • चेतन * जड़ 
    • जीवन *मुर्त्यु 
    • स्वामी *दास 
    • प्रकाश *अंधकार
     समानार्थी 
    •  लोक - विश्व ,दुनिया 
    • मान -प्रतिष्ठा ,सन्मान 
    • निशान -चिह्न ,SAGANA 
    • हस्त -पाण   ,हाथ 
    • अंबर -आकाश ,गगन 
     - विराम चिह्न किसे कहते है ?- 
    किसी भी भाषा को बोलते ,पढ़ते और लिखते समय अर्थ को स्पष्ट  करने के लिए वाक्यो के बिच में या अंत में थोड़ा रुकना पड़ता है।  इस रूकावट का संकेत देने वाले लिपि चिह्नों को " विराम चिह्नों " कहते है। 
    •  विराम चिह्न  ना  संकेत - ,
    • पूर्ण विराम   FULL STOP - इसका प्रयोग वाक्य पूर्ण होने पर होता है  इसकी निशानी -.
    • अल्प विराम :- COMA (,) - वाक्य में थोड़ा रुकने का संकेत देता है। 
    • प्रश्न वाचक चिह्न :- MARK OF INTERROGATION :- (?) किसी व्यक्ति से कोई जानकारी लेनी हेतु उपयोग में लए जानेवाले वाक्य के अंत में प्रश्न  वाचक चिह्न लगाया जाता हे है। 
    • विस्मयादि बोधक चिह्न :- MARK OF  EXCLAMATION :- आश्चर्य, धृणा , सुखः ,दुःख ,आदि भावो को प्रगट करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।  
    जैसे - अरे बापरे 
              शाबाश, वाह ,अहा 
    • योजक HYPHEN (-) :- सामासिक शब्दो को जोड़ने के लिए होता है  जैसे - पाप-पुण्य ,सुखः -दुःख ,माता-पिता , देश -विदेश 
    • निर्देशक  DASH (-) :- निर्देशक चिह्न का प्रयोग वाक्य में  वाक्य में बात को स्पष्ट करने के लिए होता है।  जैसे    ग्राहक -इस पुष्तक का क्या मूल्य है ?
                               दुकानदार - यह पचीस रूपये की है। 
    •  कोष्ठक  :-BRACKET ()  किसी शब्द को अर्थ स्पष्ट करने के लए कोष्ठक का प्रयोग होता है।  जैसे -अध्यन (पढ़ना ) हर क्षेत्रे में लाभ देता है।  - विरुद्धार्थी (विलोम ) शब्द लिखए 
    अवतरण चिन्ह INVERTED COMMAS 
    • इकहरा '' -  इकहरे अवतरण चिह्न  का प्रयोग किसी के उपनाम , रचना या पुस्तक के उपनाम , रचना , के शशक आदि को उद्धत करते है , 'समझदार नन्ही ' पाठ लेखक है - शंकर सुल्तान पूरी  
    - सूर्य कात  त्रिपाठी  का उपनाम 'निराला ' है 
    •  दुहरा (" ") :-किसी  वियक्ति के कथन को  मूल स्वरूप में उद्धत करने के लिए दुहरे  उदारण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।  उदारण -महात्मा गाँधी जी ने कहा है कि - "पार्थना ही  आत्मा की खोराक है " 
     
     प्रकरण -३  समझदार नन्हीं  साहित्य स्वरूप -कहानी 
    शब्दार्थ 
    • तट - किनारा 
    • स्वभाव -प्रकुति 
    • सहसा -एकाएक 
    • खिसियाकर - लज्जित होकर 
    • निर्दोष -बेकसूर , दोष रहित 
    • दलदल -गीली जमीन  जिसमे खड़े होने पर पाँव घस्तआ चला जाय 
    मुहावरे 
    • अन सुनी करना - ध्यान न देना 
    • आदत का गुलाम होना - आदत से मजबूर होना 
    • वचन देना -वादा करना 
    • मन डोलना - बिचार बदलना 
    • जीवन दान देना -नया जीवन देना 
    • शर्म से पानी पानी होना - बहुत ललज्जित होना 
    • थिरकने लगना -ख़ुशी से नाचना     
       सर्वनाम किसे कहते है ?
    sagana के स्थान पर प्रयुक्त होनेवाले शब्द को सर्वनाम कहते है
     
       प्रकरण -५ धरती को महकाये  
    शब्दार्थ  
    • धरती -भूमि 
    • अंधकार -अँधेरा 
    • दीपक-दिप 
    • हरदम -हमेशा
    • महक -सुगंध 
    • रोशन -उजाला 
    • अंतर -ह्रदय ,दिल   
    समानार्थी 
    • पुष्प -फूल 
    • रवि -सूर्य  
    • भूमि -धरती 
    • दिया -दीपक 
    प्रकरण -६ सुबह  -साहित्य प्रकार -प्रसंग कथा 
    शब्दार्थ
    • व्यस्त -काम में  लगा हुवा 
    • व्यवस्थित -ढंग से , तरीके से 
    • उत्सुकता -तीव्र इच्छा 
    • बुजुर्ग -बड़े -बड़े 
    • त्योहार -पर्व ,उत्सव 
    • दृढ़ता-मजबूती ,दृढ होने का भाव 
    • दैनिक -रोजाना ,प्रतिदिन 
    • बाधा -रूकावट 
    • जिंदादिली -खुश मिजाजी , विनोदप्रियता 
    मुहावरे 
    • आखो का तारा होना - बहुत प्यारा होना 
    • हाथ बटाना -काम में मदद करना 
    • पीठ थपपाना -शाबाशी देना   
    प्रकरण -७  बुजो तो जाने  साहित्य स्वरुप -पहिल्या 
    शब्दार्थ   
    • पहेली -समस्या 
    • तन -शरीर 
    • हस्त -हाथ 
    • भूतल -पृथ्वी ,धरती ,पृथ्वी की सतह 
    प्रकरण -८  राजा का हिसा 
    साहित्य स्वरूप -
     शब्दार्थ   
    प्रजावत्सल -प्रजा प्रेमी 
    स्वयं - खु 
    यथा संभव -जो सम्भव हे 
    भर्मण -घूमना 
    अत्याचार -जुल्म  
    पुनः -फिरसे , दोबारा 
    थकावट - थकना 
    कमजोर - निर्लज , अशक्त 
    दिक्कत - बाधा ,परेशानी 
    उमदा किस्म - उत्तम प्रकार 

      
     
     
       

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